Hindi Christian Video “विजय गान” क्लिप 1 – अपने पुनरागमन पर प्रभु कैसे प्रकट होंगे और वे अपना कार्य कैसे करेंगे?
अंत के दिनों में भीषण आपदा के अपशकुन–चार रक्तिम चंद्रमा प्रकट हो चुके हैं और आसमान में सितारों ने एक अजीब रूप ले लिया है; भीषण आपदायें करीब आ रही हैं, और प्रभु में विश्वास करने वाले कई लोगों को यह अनुभव होने लगा था कि प्रभु का दूसरा आगमन होने वाला है या उनका आगमन पहले ही हो चुका है। जब सभी परमेश्वर के दूसरे आगमन की इतनी उत्सुकता से प्रतीक्षा कर रहे हैं, तो शायद हमने इन प्रश्नों के बारे में सोचा हो: अंत के दिनों में जब प्रभु दोबारा आयेंगे तो वे मनुष्य के सामने कैसे प्रकट होंगे? जब प्रभु वापस आयेंगे तो वे कौन सा कार्य करेंगे? प्रकाशितवाक्य की पुस्तक में बड़े श्वेत सिंहासन के न्याय की भविष्यवाणी ठीक-ठीक कैसे पूरी होगी? यह छोटा सा वीडियो आपको सभी उत्तर बतायेगा!
तुम्हें व्यावहारिक परमेश्वर के बारे में क्या पता होना चाहिए? पवित्रात्मा, व्यक्ति और वचन स्वयं व्यावहारिक परमेश्वर को बनाते हैं; और यही स्वयं व्यावहारिक परमेश्वर का वास्तविक अर्थ है। यदि तुम सिर्फ़ व्यक्ति को जानते हो—यदि तुम उसकी आदतों और उसके व्यक्तित्व को जानते हो—लेकिन पवित्रात्मा के कार्य को नहीं जानते, या यह नहीं जानते कि पवित्रात्मा देह में क्या करता है, और यदि तुम सिर्फ़ पवित्रात्मा और वचन पर ध्यान देते हो, और केवल पवित्रात्मा के सामने प्रार्थना करते हो, लेकिन व्यावहारिक परमेश्वर में परमेश्वर के पवित्रात्मा के कार्य को नहीं जानते, तो यह साबित करता है कि तुम व्यावहारिक परमेश्वर को नहीं जानते। व्यावहारिक परमेश्वर संबंधी ज्ञान में उसके वचनों को जानना और अनुभव करना, और पवित्रात्मा के कार्य के नियमों और सिद्धांतों को समझना, और परमेश्वर के पवित्रात्मा द्वारा देह में कार्य करने के तरीके को समझना शामिल है। इसमें यह जानना भी शामिल है कि देह में परमेश्वर का हर कार्य पवित्रात्मा द्वारा नियंत्रित होता है, और उसके द्वारा बोले जाने वाले वचन पवित्रात्मा की प्रत्यक्ष अभिव्यक्ति हैं। इस प्रकार, व्यावहारिक परमेश्वर को जानने के लिए यह जानना सर्वोपरि है कि परमेश्वर मानवता और दिव्यता में कैसे कार्य करता है; जिसके परिणामस्वरूप यह पवित्रात्मा की अभिव्यक्ति से संबंध रखता है, जिससे सभी लोग जुड़ते हैं। पढना जारी रखे →
मेरा कार्य पूरा होने ही वाला है। कई वर्ष जो हमने एक साथ बिताए हैं वे अतीत की असहनीय यादें बन गए हैं। मैंने अपने वचनों को दोहराना जारी रखा है और अपने नये कार्य में प्रगति करने से मैं नहीं रुका हूँ। निस्संदेह, मैं जो कार्य करता हूँ उसके प्रत्येक अंश में मेरी सलाह एक आवश्यक घटक है। मेरी सलाह के बिना, तुम सभी लोग भटक जाओगे और यहाँ तक कि उलझन में पड़ जाओगे। मेरा कार्य अब समाप्त होने ही वाला है और अंत पर पहुँचने वाला है; मैं अभी भी सलाह प्रदान करने का कुछ कार्य करना चाहता हूँ, अर्थात्, तुम लोगों के सुनने के लिए कुछ सलाह के वचन प्रस्तुत करना चाहता हूँ। मैं केवल यह आशा करता हूँ कि तुम लोग मेरे श्रमसाध्य प्रयासों को बर्बाद नहीं करोगे और इसके अलावा, यह कि एक इंसान के रूप में तुम लोग जिस प्रकार से व्यवहार करते हो मेरे वचनों को उसकी नींव के रूप में समझते हुए तुम उस समस्त देखभाल और विचार को समझ सकते हो जो मैंने खर्च किए हैं। पढना जारी रखे →
बहुत पहले ही, उपदेशों में उचित कलीसिया जीवन होने की आवश्यकता का उल्लेख किया गया था। तो ऐसा क्यों है कि कलीसिया के जीवन में अभी तक सुधार नहीं हुआ है, और अभी भी वही पुरानी बात है? क्यों जीवन का एक बिल्कुल नया और अलग तरीका नहीं है? क्या नब्बे के दशक के एक व्यक्ति का एक बीते युग के सम्राट की तरह रहना उचित होगा? यद्यपि भोजन और पेय शायद ही कभी पिछले युग में चखे गए व्यंजन होंगे, कलीसिया की स्थिति में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। यह पुरानी मदिरा को एक नई बोतल में डालने की तरह है। तो परमेश्वर के इतना कहने का क्या लाभ है? अधिकांश जगहों पर कलीसिया बिल्कुल भी नहीं बदला है। मैंने इसे अपनी आँखों से देखा है और यह मेरे ह्रदय में स्पष्ट है; यद्यपि मैंने स्वयं के लिए कलीसिया के जीवन का अनुभव नहीं किया है, मैं कलीसिया सभाओं की परिस्थितियों को बहुत अच्छे से जानता हूँ। उन्होंने बहुत प्रगति नहीं की है। यह फिर दोहराने के ज़रुरत—यह पुरानी मदिरा को एक नई बोतल में डालने की तरह है। कुछ भी नहीं बदला है, ज़रा सा भी नहीं! जब कोई उनका मार्गदर्शन करता है तो वह आग की तरह जलते हैं, लेकिन जब कोई उन्हें समर्थन देने के लिए नहीं होता है, तो वे बर्फ के एक खंड के समान होते हैं। बहुत कम लोग व्यावहारिक चीज़ों की बात कर सकते हैं, और शायद ही कभी कोई संचालन कर सकता है। यद्यपि उपदेश बुलंद हैं, किन्तु शायद ही कभी किसी को प्रवेश मिला है। पढना जारी रखे →
बेपर्दा हो चुके हैं रहस्य सारे | Hindi Christian Song With Lyrics
धार्मिकता का सर्वशक्तिमान परमेश्वर –सर्वशक्तिमान!
कुछ भी छुपा नहीं है तुझसे,
अनंत से अनंत तक हर रहस्य,
जिसे प्रकट नहीं किया किसी इंसान ने,
सब ज़ाहिर है, साफ है तेरे सामने।
ज़रूरत नहीं खोजने की, टटोलने की,
क्योंकि ज़ाहिर है व्यक्तित्व तेरा।
प्रकट हुआ रहस्य है तू,
जीवित परमेश्वर स्वयं है तू,
हमारे रूबरू है तू,
तेरे व्यक्तित्व को देखना
है आत्मिक जगत के सारे रहस्यों को देखना।
कल्पना नहीं कर पाता कोई!
हमारे बीच है आज तू,
हमारे अंतर में, इतना करीब कि बयाँ कर न सकें हम।
अनंत रहस्य!
पूरी कर ली है प्रबंधन योजना अपनी सर्वशक्तिमान परमेश्वर ने।
कायनात का विजयी सम्राट है वो।
हर बात, हर चीज़ है हाथ में उसके।
हर इंसान झुकता है आराधना में उसकी,
पुकारता है नाम परमेश्वर का, सर्वशक्तिमान!
उसके मुख के वचनों से होता है हर काम।
धार्मिकता का सर्वशक्तिमान परमेश्वर – सर्वशक्तिमान!
कुछ भी छुपा नहीं है तुझसे,
अनंत से अनंत तक हर रहस्य,
जिसे प्रकट नहीं किया किसी इंसान ने,
सब ज़ाहिर है, साफ है तेरे सामने।
“मेमने का अनुसरण करना और नए गीत गाना” से
Hindi Christian Song With Lyrics | कोई भी परमेश्वर के आगमन को नहीं जानता है
कोई न जाने परमेश्वर के आगमन को,
कोई नहीं करता स्वागत परमेश्वर के आगमन का।
यहाँ तक कि, कोई नहीं जानता वह सब जो करेगा परमेश्वर।
कोई नहीं जानता वह सब जो करेगा परमेश्वर।
मानव का जीवन रहता है अपरिवर्तित;
वैसा ही हृदय, जो धड़कता है हर आम दिन।
परमेश्वर रहता है हमारे बीच जैसे हो कोई साधारण मानव,
जैसे हो अनुयायियों का एक सबसे महत्वहीन सदस्य,
जैसे कोई एक साधारण विश्वासी।
उसका है अपना स्वंय का काम, और उसके अपने लक्ष्य।
और उसके पास है दिव्यता जो किसी मनुष्य के पास नहीं, पास नहीं।
किसी ने उसकी दिव्यता के अस्तित्व पर या उसके और मनुष्य के तत्व,
बीच के अंतर पर ध्यान नहीं दिया है, ध्यान नहीं दिया है।
हम रहते हैं साथ उसके, बिना किसी बंधन और भय के,
क्योंकि हम देखते हैं उसे जैसे वो एक महत्वहीन
विश्वासी से अधिक कुछ ना हो।
वह देखता है हमारी हर गति को,
और हमारे सभी विचार और अवधारणाएँ हैं सामने उसके
बिना किसी पर्दे के।
नहीं है किसी को कोई रूचि परमेश्वर के अस्तित्व में,
किसी की नहीं है कोई कल्पना उसके कार्य में,
और यहाँ तक कि, वह कौन है इस बारे में किसी को कोई संदेह भी नहीं है।
हम जुटे रहते हैं अपने कामों में,
जैसे परमेश्वर का हमसे कुछ लेना-देना ही नहीं है,
लेना-देना ही नहीं है, लेना-देना ही नहीं है।
“मेमने का अनुसरण करना और नए गीत गाना” से
पूरा किया परमेश्वर के आदेश को यीशु ने, हर इंसान के छुटकारे के काम को, क्योंकि उसनेपरमेश्वर की इच्छाकी परवाह की, इसमें न उसका स्वार्थ था, न योजना थी। परमेश्वर की योजना को केंद्र में रखा उसने। स्वर्गिक पिता की इच्छा की खोज करते हुए, प्रार्थना की स्वर्गिक पिता से उसने। उसने खोज की, और प्रार्थना की सदा। गर यीशु की तरह, परवाह करो परमेश्वर की तुम सभी, और मोड़ लो मुँह देह-सुख से तुम, तो सौंप देगा परमेश्वर सेवा कर पाने का अहम काम तुम्हें। तो सौंप देगा परमेश्वर सेवा कर पाने का अहम काम तुम्हें।
प्रार्थना की उसने, “हे परमपिता परमेश्वर! अपनी इच्छा को पूरा कर। मेरे इरादों के मुताबिक नहीं, योजना पूरी हो तेरी तू ऐसे काम कर। तू उस कमज़ोर इंसान की परवाह न कर, जो चींटी की तरह है तेरे हाथों में। है मेरी कामना मैं वो करूँ जो इच्छा है तेरी। जो तू चाहे वो कर मुझमें।” गर यीशु की तरह, परवाह करोपरमेश्वरकी तुम सभी, और मोड़ लो मुँह देह-सुख से तुम, तो सौंप देगा परमेश्वर सेवा कर पाने का अहम काम तुम्हें। तो सौंप देगा परमेश्वर सेवा कर पाने का अहम काम तुम्हें।
यरूशलेम की राह पर, महसूस की व्यथा यीशु ने, फिर भी, निभाया वचन अपना, बढ़ता गया उस ओर जहाँ, सलीब पर चढ़ाया जाना था उसे। सलीब पर आख़िरकार, चढ़ा दिया गया उसे, बन गया छवि पापमय देह की, छुटकारे का काम पूरा करके, मौत की बेड़ियों से ऊपर उठ गया वो। गर यीशु की तरह, परवाह करो परमेश्वर की तुम सभी, और मोड़ लो मुँह देह-सुख से तुम, तो सौंप देगा परमेश्वर सेवा कर पाने का अहम काम तुम्हें। तो सौंप देगा परमेश्वर सेवा कर पाने का अहम काम तुम्हें।
यीशु तैंतीस बरस जिया, परमेश्वर की संतुष्टि के लिये सबकुछ किया। नफ़े-नुकसान की कभी परवाह नहीं की, पूरी की परमपिता परमेश्वर की इच्छा मगर। सेवाप्रभु यीशुकी थी परमेश्वर की इच्छा के अनुरूप सदा। छुटकारे के दायित्व को इसलिये, वो निभाने के काबिल था। अपार यातनाएं सहीं उसने, जाने कितनी बार शैतान ने लालच दिया उसे। मगर मायूस न हुआ वो कभी। भरोसे और प्यार में ये काम दिया परमेश्वर ने उसे। गर यीशु की तरह, परवाह करो परमेश्वर की तुम सभी, और मोड़ लो मुँह देह-सुख से तुम, तो सौंप देगा परमेश्वर सेवा कर पाने का अहम काम तुम्हें। तो सौंप देगा परमेश्वर सेवा कर पाने का अहम काम तुम्हें।
ऐसे ही वक्त में क्या तुम साहस करोगे कहने का, तुम करते हो इच्छा पूरी उसकी, करते हो उसके आदेश को पूरा, कि सही मायनों में करते हो सेवा परमेश्वर की।
“मेमने का अनुसरण करना और नए गीत गाना” से
यीशु का वीडियो—परमेश्वर का पृथ्वी पर आना और एक पाप बलि बनना
ईश्वर के बंदे उठते उसके सिंहासन के समक्ष, दिल में प्रार्थनाएं उनके। ईश्वर दे आशीष उन्हें जो लौटे प्रभु की ओर; वे सब रोशनी में हैं जीते। विनती है पवित्र आत्मा से करे प्रबुद्ध हमें परमेश्वर की इच्छा से, द्वारा वचन के। सभी लोग संजोये परमेश्वर के वचन को और वे आएँ उसे जानने। ईश्वर दे हमें और ज्यादा उसके अनुग्रह, जिससे जीवन का स्वभाव बदले। ईश्वर करे परिपूर्ण हमें जिससे बनें एक मन और दिल उसके साथ। हमें अनुशासित करे जिससे हम पालन अपने कर्तव्यों का करें। राह दिखाए रोज़ पवित्र आत्मा जिससे हों हम परमेश्वर के साक्षी और करें प्रचार।
सब लोगों को हो ज्ञान अच्छे और बुरे का, करें पालन सत्य का। परमेश्वर दुर्जनों को दण्डित करे और कलीसिया में शांति रहे। अर्पण सभी करें सच्चा प्रेम परमेश्वर को जो हैं सबसे सुहावने और प्यारे। सब अड़चन हटाए परमेश्वर जिससे सौंपे खुद को पूरा हम। प्रभु दे ऐसा दिल जो करे उससे ही प्यार, दिल जो जाए न उससे दूर। सभी लौट आएं परमेश्वर के समक्ष जिन्हें उसने चुना है। सभी मिलकर गाएँ गुणगान परमेश्वर के जिसने की महिमा की प्राप्ति। परमेश्वर रहे साथ प्रजा के अपने, हमें अपने प्रेम में जीवित रखे। परमेश्वर रहे साथ प्रजा के अपने, हमें अपने प्रेम में जीवित रखे। “मेमने का अनुसरण करना और नए गीत गाना” से
Hindi Prayer Song | सच्ची प्रार्थना में प्रवेश कैसे किया जाता है (Lyrics)
प्रार्थना के दौरान तुम्हारा दिल, ईश्वर के समक्ष, होना चाहिए शांत, और तुम्हारा दिल होना चाहिए खरा। जब ईश्वर से प्रार्थना करो उससे करो वार्तालाप। न धोखा दो उसको उन वचनों से जो सिर्फ मीठी हों। परमेश्वर के समक्ष तुम्हारा दिल ख़ामोशी से रहेगा। और तुम्हारे लिए निर्धारित वातावरण में, तुम खुद को जानोगे और नफरत करोगे। तुम खुद से नफरत करोगे, खुद को त्यागोगे। ताकि तुम ईश्वर से सामान्य संबंध बना सको, और बन जाओ वो व्यक्ति जो दिल से परमेश्वर से प्रेम करे, परमेश्वर से प्रेम करे, बन जाओ वो व्यक्ति जो दिल से परमेश्वर से प्रेम करे।
प्रार्थना केंद्रित है उसपे जिसे आज ईश्वर करेगा ख़त्म मांगो अधिक से अधिक रौशनी, ईश्वर के समक्ष अपनी स्थिति और आफ़तों को लाओ और अपने संकल्प को उसे बताओ। परमेश्वर के समक्ष तुम्हारा दिल ख़ामोशी से रहेगा। और तुम्हारे लिए निर्धारित वातावरण में, तुम खुद को जानोगे और नफरत करोगे। तुम खुद से नफरत करोगे, खुद को त्यागोगे, ताकि तुम ईश्वर से सामान्य संबंध बना सको, और बन जाओ वो व्यक्ति जो दिल से परमेश्वर से प्रेम करे, परमेश्वर से प्रेम करे, बन जाओ वो व्यक्ति जो दिल से परमेश्वर से प्रेम करे।
प्रार्थना किसी प्रक्रिया को अनुसरण करना नहीं है पर सच्चाई से ईश्वर को खोजना है। प्रार्थना करो वो करे दिल की सुरक्षा। अपने दिल की सुरक्षा मांगो ईश्वर से। परमेश्वर के समक्ष तुम्हारा दिल ख़ामोशी से रहेगा। और तुम्हारे लिए निर्धारित वातावरण में, तुम खुद को जानोगे और नफरत करोगे। तुम खुद से नफरत करोगे, खुद को त्यागोगे, ताकि तुम ईश्वर से सामान्य संबंध बना सको, और बन जाओ वो व्यक्ति जो दिल से परमेश्वर से प्रेम करे, परमेश्वर से प्रेम करे, बन जाओ वो व्यक्ति जो दिल से परमेश्वर से प्रेम करे। “मेमने का अनुसरण करना और नए गीत गाना” से