अरसों पहले इस जगत में आया ईश्वर, और दर्द सहे इंसानों के ही जैसे। फिर सालों तक रहा इन्हीं इंसानों के संग, पर उसकी मौजूदगी न जान पाया कोई। खामोशी से सहे हैं दर्द इस दुनिया के, निभाते हुए जो काम उसका था। मर्ज़ी ईश-पिता की और इंसानियत के लिए, सहा है दर्द जो इंसान ने देखा नहीं, बिन कुछ कहे की सेवा विनम्रता से, मर्ज़ी ईश-पिता की और इंसानियत के लिए।पढना जारी रखे →
मानव, जिन्होंने त्यागा है सर्वशक्तिमान का दिया जीवन, अस्तित्व में क्यों वे हैं जानें ना, फिर भी डरते हैं मृत्यु से। न कोई सहारा, न मदद, फिर भी मानव आँखों को बंद करने में अनिच्छुक है, ज़ुर्रत कर, दिखाता है एक अशोभनीय अस्तित्व, इस जहां में, बिन आत्माओं की चेतना के शरीरों में। जीते हो तुम आशा के बिन। जैसे जीता है वो लक्ष्य के बिन। रिवायत में एक ही बस पवित्र जन है, रिवायत में एक ही बस पवित्र जन है, आएगा जो बचाने उन्हें रोएं जो कष्ट से और हताश हो तड़पते हैं उसके आगमन के लिए। इन लोगों में जो हैं अभी अचेत, यह विश्वास नहीं है जगाया जा सकता। फिर भी लोगों में इसे प्राप्त करने की इच्छा है।
सर्वशक्तिमान को है करुणा उनपे जो पीड़ा में हैं। और साथ ही वो ऊब चुका है इनसे जो हैं बेहोश, क्योंकि करना होता है उसको बहुत इंतज़ार मनुष्य से पाने को जवाब। वो चाहता है ढूंढना तुम्हारे दिल और रूह को। वो देना चाहता है भोजन और पानी तुम्हें। जगाना चाहता है, वो तुम्हें ताकि तुम भूखे और प्यासे न रहो। और जब तुम थक जाते हो, और जब तुम खुद को अकेला पाते हो, अपने इस संसार में, न घबराना तुम, न रोना तुम। सर्वशक्तिमान ईश्वर, किसी भी समय तुम्हारे आगमन को गले लगा लेगा।
निगरानी वो कर रहा, इंतज़ार में तुम्हारे लौटने के। तुम्हारे याददाश्त लौटने का इंतज़ार वो कर रहा। तुम्हारे जान जाने का कि तुम परमेश्वर से ही आये हो, यह सत्य कि आये हो तुम परमेश्वर से ही। एक दिन तुम राह खो कर, किसी तरह कहीं पे, पड़े थे बेहोश किनारे एक सड़क के, और फिर अनजाने में मिला तुमको “पिता”। तुम्हें हो एहसास कि सर्वशक्तिमान वहां पहरे पर है। इंतज़ार कर रहा है तुम्हारे वापस लौट आने का, एक अरसे से।
वो बेहद चाहता है। वो करता इंतज़ार प्रत्युत्तर के लिए बिन किसी जवाब के। उसका इंतज़ार है अनमोल और यह है दिल के लिए, मानव के रूह और दिल के लिए। ये इंतज़ार शायद सदा ही रहेगा, या शायद ये इंतज़ार अब अंत होने को है। पर जानना तुम्हें है चाहिए, कहाँ है तुम्हारा दिल और रूह? कहाँ हैं वे? “मेमने का अनुसरण करना और नए गीत गाना” से
यहाँ पर समृद्ध ईसाई गीत हैं, जो आपके लिए एक नया दृश्य-श्रव्य मनोरंजन लाता हैं।
प्रभु यीशु ने कहा है, “जिसमें सच्चे भक्त पिता की आराधना आत्मा और सच्चाई से करेंगे, क्योंकि पिता अपने लिये ऐसे ही आराधकों को ढूँढ़ता है। परमेश्वर आत्मा है, और अवश्य है कि उसकी आराधना करनेवाले आत्मा और सच्चाई से आराधना करें” (यूहन्ना 4:23-24)। प्रभु की अपेक्षा है कि हम आत्मा और सच्चाई से परमेश्वर की आराधना करें, केवल इसी तरीके से हम उनकी स्वीकृति पा सकते हैं। लेकिन वास्तव में आत्मा और सच्चाई से परमेश्वर की आराधना करने में कौन सी बात अति आवश्यक है? कुछ भाई-बहन मानते हैं कि हर दिन बाइबल पढ़ना और दिल लगाकर प्रार्थना करना है, और कुछ लोगों का मानना है कि समय पर बैठकों में भाग लेना और हर हफ्ते कलीसिया जाना परमेश्वर की आराधना है, कुछ ऐसे भी लोग हैं जो मानते हैं कि मेहनत करना, काम करना, त्याग करना, और प्रभु के लिए स्वयं को खपाना परमेश्वर की आराधना करना है, इत्यादि। परमेश्वर की आराधना का अभ्यास करने के कई तरीके हैं, लेकिन क्या हम आत्मा और सच्चाई से उनकी आराधना कर रहे हैं? क्या परमेश्वर इस प्रकार के अभ्यास की प्रशंसा करते हैं? आइये, इस पर एक साथ संगति करें। पढना जारी रखे →
Hindi Christian Movie“बाइबल के बारे में रहस्य का खुलासा” क्लिप 2 – खुलासा: परमेश्वर और बाइबल के बीच का रिश्ता
धार्मिक दुनिया के पादरी और एल्डर्स को यकीन है कि परमेश्वर के सभी वचन और कार्य बाइबल में हैं, कि परमेश्वर का बाइबल का उद्धार कार्य संपूर्ण है और जब तक लोग प्रभु में अपनी आस्था को बाइबल पर आधारित करेंगे और बाइबल पर ही अवलंबित रहेंगे, तो वे आरोहित होकर स्वर्ग के राज्य में प्रवेश कर सकेंगे। क्या तथ्य ऐसे ही हैं? हमें बचाने का कार्य परमेश्वर कर सकते हैं या बाइबल? सत्य परमेश्वर व्यक्त कर सकते हैं या बाइबल? और अधिक जानने के लिए, कृपया इस वीडियो को देखें!
2020 Christian Music Video | देहधारी परमेश्वर सबसे प्रिय है
परमेश्वर ने देह बनकर, इंसानों के बीच रहकर, देखी उनकी बुराई, और हालात ज़िंदगी के। देहधारी परमेश्वर ने महसूस कीं इंसान की मजबूरियां, इंसान की दयनीयता, इंसान का दुख-दर्द। देह में परमेश्वर अपने सहज ज्ञान से, हो गया ज़्यादा दयालु मानव की हालत के लिए, हो गया ज़्यादा चिंतित अपने भक्तों के लिए अपने भक्तों के लिये। अपने भक्तों के लिये।
“प्रभु जिनका प्रबंधन करना और जिनको बचाना चाहते हैं, क्योंकि अपने दिल में वो, उनको बहुत चाहते हैं;” उसके लिए वो ही सबसे ऊपर हैं। “प्रभु ने बड़ी कीमत चुकाई है। कपट भोगा है और चोट खाई है।” मगर हारता नहीं है परमेश्वर, काम करता रहता है निरंतर, ना कोई शिकवा, ना पछतावा कोई। देह में परमेश्वर अपने सहज ज्ञान से, हो गया ज़्यादा दयालु मानव की हालत के लिए, हो गया ज़्यादा चिंतित अपने भक्तों के लिए अपने भक्तों के लिये। अपने भक्तों के लिये। “मेमने का अनुसरण करना और नए गीत गाना” से
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यीशु मसीह के गीत——प्रभु यीशु का अनुकरण करो ——परमेश्वर की इच्छा का पालन करो
देहधारी परमेश्वर की मानो, वो तुम्हें पूर्ण बना देगा। आसमां के परमेश्वर को मानोगे तो कुछ ना पाओगे। क्योंकि आसमां का नहीं, धरती का परमेश्वर ही मानव से वादे करता है। धरती का परमेश्वर ही दुआएं देता है। धरती के परमेश्वर को मामूली ना समझो, और आसमां के परमेश्वर को बड़ा मत बनाओ, क्योंकि परमेश्वर के साथ ये अन्याय है। आसमां का परमेश्वर ऊंचा है और अद्भुत है। वो ग़ज़ब का समझदार है, मगर उसका वजूद नहीं है। धरती का परमेश्वर मामूली है, मामूली उसकी सोच है। उसके काम नहीं हैं प्रभावशाली, मामूली हैं काम और सच्चे हैं। वो ना गर्जना के ज़रिये बात करता है, ना आंधी-तूफ़ान को बुलाता है। इंसानों के बीच में वो रहता है, इंसान के रूप में भगवान है।
उस परमेश्वर को ना बढ़ाओ, ना चढ़ाओ, जिसे तुम समझते हो, जो तुम्हारी कल्पना से मेल खाता है। उस परमेश्वर को नीची नज़र से ना देखो, जिसे तुम नकारते हो, जो तुम्हारी कल्पना से बाहर है। ऐसा ना करो, ऐसा बिल्कुल ना करो। ये इंसान की नाफ़र्मानी है, परमेश्वर के विरोध की बड़ी वजह है। हां, यही मूल है। हां, यही मूल है। हां, यही मूल है। हां, यही मूल है। “मेमने का अनुसरण करना और नए गीत गाना” से
यीशु मसीह के गाने——प्रभु यीशु का अनुकरण करो ——परमेश्वर की इच्छा का पालन करो
मेरा न्याय पूरी तरह से प्रकट है, विभिन्न लोगों पर लक्षित है, और उन सभी को अवश्य अपने उचित स्थान लेने होंगे। इस बात पर निर्भर करते हुए कि कौन-सा नियम तोड़ा जाता है, मैं उस नियम के अनुसार उन्हें प्रशासित करूँगा और उनका न्याय करूँगा। जहाँ तक उनकी बात है जो इस नाम में नहीं हैं और जो अंत के दिनों के मसीह को स्वीकार नहीं करते हैं, उनके लिए केवल एक ही नियम है: जो कोई भी मेरा अनादर करेगा, मैं तुरंत उसके जीव, उसकी आत्मा और देह को ले लूँगा और उन्हें अधोलोक में फेंक दूँगा; जो कोई भी मेरा अनादर नहीं करेगा, मैं दूसरा न्याय करने से पहले तुम लोगों के परिपक्व होने की प्रतीक्षा करूँगा। मेरे वचन पूरी स्पष्टता के साथ समझाते हैं और कुछ भी छुपा हुआ नहीं है। मैं केवल इतना ही चाहता हूँ कि तुम लोग हर समय उन्हें मन में धारण करने में समर्थ हो सको!पढना जारी रखे →
“तुम पवित्रशास्त्र में ढूँढ़ते हो, क्योंकि समझते हो कि उसमें अनन्त जीवन तुम्हें मिलता है; और यह वही है जो मेरी गवाही देता है; फिर भी तुम जीवन पाने के लिये मेरे पास आना नहीं चाहते” (यूहन्ना 5:39-40)।
“मार्ग और सत्य और जीवन मैं ही हूँ; बिना मेरे द्वारा कोई पिता के पास नहीं पहुँच सकता” (यूहन्ना 14:6)।पढना जारी रखे →
The True Meaning of Faith in God | Hindi Gospel Movie | “परमेश्वर में आस्था” (Hindi Dubbed)
यू कोंगुआंग सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया के साथ सुसमाचार को फैलाता है, और चीनी पुलिस की गिरफ्तारी से बचने की कोशिश करते हुए उसे स्थानीय गृह-कलीसिया के एक सहकर्मी, झेंग ज़ुन द्वारा बचाया जाता है। उसके बाद वह झेंग ज़ुन और अन्य लोगों के साथ, परमेश्वर में आस्था क्या होती है, परमेश्वर की स्वीकृति प्राप्त करने हेतु कैसे विश्वास करना चाहिए, और सत्य के अन्य पहलुओं पर, कई बार संगति करता है। अंत में, ये सत्य झेंग ज़ुन और दूसरों की लंबे समय से चले आ रही भ्रांतियों और कठिनाइयों का समाधान करते हैं, और उन्हें “परमेश्वर में आस्था” के सही अर्थ को समझने देते हैं और उनके हृदयों को मुक्त कर देते हैं।
सीसीसीपी सरकार और एल्डर सन द्वारा पीछा किए जाने और सताये जाने पर, यू कोंगगुआंग ने मन लगाकर परमेश्वर से प्रार्थना की। उसने परमेश्वर पर भरोसा किया और सत्य के मार्ग की खोज तथा अध्ययन करने वाले सच्चे विश्वासियों को परमेश्वर के समक्ष लाने की अगुवाई करने का निश्चय किया । अनेक रूकावटों के अनुभवों के बाद यू कोंगगुआंग, झेंग सुन और अन्य लोगों को सावधान होकर, सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों के बारे में साहचर्य करने के लिए सरकंडो, तहखानों, और गुफाओं में छुपना पड़ा। ….. क्योंकि झेंग सुन और बहुत से अन्य लोगों ने चमकती पूर्वी बिजली को देखा था, एल्डर सन उन्हें अपना शत्रु समझता था, और कलीसिया अचानक से दो समूहों में बंट गया। इस कारण से झेंग सुन और उसके साथी कलीसिया सदस्यों को पीड़ा हुई और वे उलझन में थे। उनकी उलझन के समाधान के लिए यू कोंगगुआंग ने, सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों के बारे में उनके साथ सहभागिता करी। उसने इस बारे में भी सहभागिता करी कि परमेश्वर में विश्वास रखने का मतलब क्या होता है, और किस प्रकार के विश्वास की परमेश्वर प्रशंसा और सराहना करेंगे।
अंततः, झेंग सुन और अन्य लोगों ने सत्य को समझना शुरू कर दिया, और उनका भ्रम, परेशानियों और भटकनों का निवारण हो गया। उनके हृदय मुक्त हो गए, और अनेक वर्षों के बाद उन्होंने गहरी साँस ली, और प्रभु में वर्षों तक विश्वास करने के बाद, उन्हें अंततः “परमेश्वर में विश्वास” के सच्चे अर्थ का एहसास हो गया …..
विश्वास क्या है–परमेश्वर से अनुमोदित विश्वास–ईसाई अनिवार्यताएं
Hindi Christian Video “विजय गान” क्लिप 1 – अपने पुनरागमन पर प्रभु कैसे प्रकट होंगे और वे अपना कार्य कैसे करेंगे?
अंत के दिनों में भीषण आपदा के अपशकुन–चार रक्तिम चंद्रमा प्रकट हो चुके हैं और आसमान में सितारों ने एक अजीब रूप ले लिया है; भीषण आपदायें करीब आ रही हैं, और प्रभु में विश्वास करने वाले कई लोगों को यह अनुभव होने लगा था कि प्रभु का दूसरा आगमन होने वाला है या उनका आगमन पहले ही हो चुका है। जब सभी परमेश्वर के दूसरे आगमन की इतनी उत्सुकता से प्रतीक्षा कर रहे हैं, तो शायद हमने इन प्रश्नों के बारे में सोचा हो: अंत के दिनों में जब प्रभु दोबारा आयेंगे तो वे मनुष्य के सामने कैसे प्रकट होंगे? जब प्रभु वापस आयेंगे तो वे कौन सा कार्य करेंगे? प्रकाशितवाक्य की पुस्तक में बड़े श्वेत सिंहासन के न्याय की भविष्यवाणी ठीक-ठीक कैसे पूरी होगी? यह छोटा सा वीडियो आपको सभी उत्तर बतायेगा!
जीसस सॉन्ग ——प्रभु यीशु का अनुकरण करो ——परमेश्वर की इच्छा का पालन करो