परमेश्वर मनुष्य के जीवन का स्रोत है

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जिस क्षण तुम रोते हुए इस दुनिया में आते हो, उसी पल से तुम अपना कर्तव्य पूरा करना शुरू कर देते हो। परमेश्वर की योजना और उसके विधान में अपनी भूमिका निभाते हुए तुम अपनी जीवन-यात्रा शुरू करते हो। तुम्हारी पृष्ठभूमि जो भी हो और तुम्हारी आगे की यात्रा जैसी भी हो, कोई भी स्वर्ग के आयोजनों और व्यवस्थाओं से बचनहीं सकता, और किसी का भी अपनी नियति पर नियंत्रण नहीं है, क्योंकि केवल वही, जो सभी चीज़ों पर शासन करता है, ऐसा करने में सक्षम है। जिस दिन से मनुष्य अस्तित्व में आया है, परमेश्वर ने ब्रह्मांड का प्रबंधन करते हुए, सभी चीज़ों के लिए परिवर्तन के नियमों और उनकी गतिविधियों के पथ को निर्देशित करते हुए हमेशा ऐसे ही काम किया है। सभी चीज़ों की तरह मनुष्य भी चुपचाप और अनजाने में परमेश्वर से मिठास और बारिश तथा ओस द्वारा पोषित होता है; सभी चीज़ों की तरह मनुष्य भी अनजाने में परमेश्वर के हाथ के आयोजन के अधीन रहता है। मनुष्य का हृदय और आत्मा परमेश्वर के हाथ में हैं, उसके जीवन की हर चीज़ परमेश्वर की दृष्टि में रहती है। चाहे तुम यह मानो या न मानो, कोई भी और सभी चीज़ें, चाहे जीवित हों या मृत, परमेश्वर के विचारों के अनुसार ही जगह बदलेंगी, परिवर्तित, नवीनीकृत और गायब होंगी। परमेश्वर सभी चीज़ों को इसी तरीके से संचालित करता है। पढना जारी रखे

बचाया जाना क्या है? पूर्ण उद्धार पाना क्या है?

जो विश्‍वास करे और बपतिस्मा ले उसी का उद्धार होगा, परन्तु जो विश्‍वास न करेगा वह दोषी ठहराया जाएगा” (मरकुस 16:16)।

क्योंकि यह वाचा का मेरा वह लहू है, जो बहुतों के लिये पापों की क्षमा के निमित्त बहाया जाता है” (मत्ती 26:28)।

जो मुझ से, ‘हे प्रभु! हे प्रभु!’ कहता है, उनमें से हर एक स्वर्ग के राज्य में प्रवेश न करेगा, परन्तु वही जो मेरे स्वर्गीय पिता की इच्छा पर चलता है” (मत्ती 7:21)। पढना जारी रखे

प्रभु पूर्व में प्रकट हुआ है

क्यू झेन, चीन

एक दिन, मेरी बहन ने मुझे फ़ोन किया और कहा कि वह उत्तर की अपनी यात्रा से वापस आ गई है और मुझे बताने के लिए उसके पास कोई महत्वपूर्ण बात थी। उसने मुझे तुरंत आने के लिए कहा। मुझे कुछ बुरी घटना का आभास हो रहा था इसलिए मैं सीधे अपनी बहन के यहाँ जा पहुँची। जैसे ही मैंने प्रवेश किया और देखा कि मेरी बहन एक किताब पढ़ रही थी, मुझे राहत मिली। मेरी बहन मुझे आते हुए देख उछलकर खड़ी हो गयी और खुशी से बोली: “बहन! देश के उत्तरी भाग में इस बार मुझे कुछ अच्छी खबर मिली: प्रभु यीशु वापस आ गया है!” पढना जारी रखे

Hindi Christian Movie “तड़प” क्लिप 5 – प्रभु ने जो स्थान हमारे लिये तैयार किया है वह कहाँ है?

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Cai Minghui(M):प्रभु यीशु ने हमसे वादा किया था: “क्योंकि मैं तुम्हारे लिये जगह तैयार करने जाता हूँ। और यदि मैं जाकर तुम्हारे लिये जगह तैयार करूँ, तो फिर आकर तुम्हें अपने यहाँ ले जाऊँगा कि जहाँ मैं रहूँ वहाँ तुम भी रहो” (यूहन्ना 14:2-3)। उनके इन वचनों को हम कैसे समझें? दरअसल प्रभु यीशु हमारे लिये जगह तैयार करने गए कहां? क्या इन वचनों में भी कोई रहस्य छिपा है?

Fang Xincheng(F):तुमने बिल्कुल ठीक कहा। प्रभु के वचनों में वाकई कुछ रहस्य छिपे हैं। अगर इन्हें हम अपनी धारणाओं और कल्पनाओं से देखें, तो प्रभु यीशु स्वर्ग लौट गए हैं, इसलिए वे हमारे लिये निश्चित तौर पर कोई जगह बना रहे हैं। पढना जारी रखे

Hindi Christian Documentary “वह जिसका हर चीज़ पर प्रभुत्व है” क्लिप – परमेश्वर द्वारा बाढ़ से पृथ्वी का विनाश

Hindi Christian Documentary “वह जिसका हर चीज़ पर प्रभुत्व है” क्लिप – परमेश्वर द्वारा बाढ़ से पृथ्वी का विनाश

जब आप ईसाई फिल्म क्लिप ‘परमेश्वर द्वारा बाढ़ से पृथ्वी का विनाश ’ देखेंगे तो आप परमेश्वर के पवित्र, धार्मिक स्वभाव और इंसान के लिये उसकी देखभाल और करुणा के बारे में जान पाएंगे और आप आपदाओं के बीच से होकर परमेश्वर के उद्धार को जाने वाले मार्ग से परिचित होंगे। पढना जारी रखे

किसी सृजित प्राणी में नहीं होता परमेश्वर का प्रेम |Hindi praise song

किसी सृजित प्राणी में नहीं होता परमेश्वर का प्रेम |Hindi praise song

जीवन से पूर्ण होते हैं परमेश्वर के वचन,
दिखाते हैं वो राह जिस पर चलना चाहिये हमें,
कराते हैं सत्य का बोध हमें।
खिंचने लगते हैं उसके वचनों की ओर हम।
गौर करने लगते हैं, उसके लहजे और बोलने के अंदाज़ पर हम,
और ख़्याल करने लगते हैं जान-बूझकर,
इस सामान्य व्यक्ति की भीतरी आवाज़ का हम। पढना जारी रखे

परमेश्वर ही सबसे ज़्यादा प्यार करता है इंसान को |New Hindi Gospel Song

परमेश्वर ही सबसे ज़्यादा प्यार करता है इंसान को |New Hindi Gospel Song

अंत के दिनों में देहधारण करता है परमेश्वर, इंसान को बचाने की ख़ातिर,
क्योंकि इंसान को चाहता है परमेश्वर।
अपने प्यार से प्रेरित होकर, आज का काम करता है वो।
और ये होता है प्यार की बुनियाद पर।
दूषित-बिखरे इंसान को बचाने की ख़ातिर देहधारण करता है,
अपमान सहता है परमेश्वर।
ऐसे दर्द सहता है परमेश्वर। पढना जारी रखे

सच्ची प्रार्थना में प्रवेश कैसे किया जाता है

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प्रार्थना के दौरान तुम्हारा दिल, ईश्वर के समक्ष, होना चाहिए शांत,

और तुम्हारा दिल होना चाहिए खरा।

जब ईश्वर से प्रार्थना करो उससे करो वार्तालाप।

न धोखा दो उसको उन वचनों से जो सिर्फ मीठी हों।

परमेश्वर के समक्ष तुम्हारा दिल ख़ामोशी से रहेगा।

और तुम्हारे लिए निर्धारित वातावरण में,

तुम खुद को जानोगे और नफरत करोगे। पढना जारी रखे

बाइबल में जकर्याह की पुस्तक में, यह भविष्यवाणी की गई है: “यरूशलेम नगर के पूर्व में जैतून पहाड़ है। प्रभु उस दिन उस पहाड़ पर खड़ा होगा।…” परमेश्वर की वापसी निश्चित रूप से यहूदिया में जैतून के पहाड़ पर होगी, और फिर भी तुम गवाही देते हो कि प्रभु यीशु पहले ही वापस आ चुका है, चीन में प्रकट हुआ है और कार्यरत है। चीन एक नास्तिक देश है और यह सबसे अंधकारमय, सबसे पिछड़ा राष्ट्र है जो परमेश्वर को सबसे गंभीर रूप से नकारता है, तो प्रभु की वापसी चीन में कैसे हो सकती है? हम वास्तव में इसको समझ नहीं सकते, इसलिए कृपया हमारे लिए इसका उत्तर दो।

उत्तर:

परमेश्वर यीशु यहूदिया से बाहर चला गया उस बात को लगभग दो हज़ार साल हो गए हैं। अब आखिरी दिन आये हैं, और सभी प्रकार के अकाल, विपत्तियां, भूकंप, बाढ़ और सूखे अधिक बार, अधिक व्यापक रूप से और अधिक तीव्रता से दिखाई दे रहे हैं। दुनिया भर के विभिन्न देश चलायमान और अस्थिर हैं, और आतंकवादी गतिविधियाँ, प्रजातीय संघर्ष और सभी तरह के युद्ध लगातार हो रहे हैं। धार्मिक क्षेत्रों में, सभी कलीसियाएँ अंधेरे में गिर गई हैं क्योंकि उन्होंने पवित्र आत्मा का कार्य खो दिया है। सहकर्मियों के बीच ईर्ष्या और टकराव है, और कई भाइयों और बहनों के विश्वास और उनके स्नेह ठंडे पड़ गए हैं। पढना जारी रखे

बाइबल की भविष्यवाणियां पूरी हो चुकी हैं: यीशु के आगमन का स्वागत कैसे करें

दो हज़ार साल पहले, प्रभु के अनुयायियों ने यीशु से पूछा, “तेरे आने का और जगत के अन्त का क्या चिह्न होगा?” (मत्ती 24:3)(ERV-HI)। 

प्रभु यीशु ने जवाब दिया, “तुम लड़ाइयों और लड़ाइयों की चर्चा सुनोगे, तो घबरा न जाना क्योंकि इन का होना अवश्य है, परन्तु उस समय अन्त न होगा। क्योंकि जाति पर जाति, और राज्य पर राज्य चढ़ाई करेगा, और जगह जगह अकाल पड़ेंगे, और भूकम्प होंगे। ये सब बातें पीड़ाओं का आरम्भ होंगी” (मत्ती24:6-8)(ERV-HI)। आज, दुनिया भर में ज़्यादा से ज़्यादा आपदाएं आ रही हैं। एक-एक करके भूकंप, महामारी, अकाल, युद्ध और बाढ़ की घटनाएं हो रही हैं। साल 2019 के अंत में, चीन के वुहान प्रांत में एक नए तरह का कोरोना वायरस फ़ैल गया है। इसके फ़ैलने की रफ़्तार खतरनाक है। पढना जारी रखे