क्रिसमस का अर्थ क्या है, और क्या आप वास्तव में प्रभु यीशु की आराधना कर रहे हैं?

सियुआन द्वारा

सूचीपत्र
क्रिसमस का आरम्भ
प्रभु यीशु का जन्म मानवजाति के लिए परमेश्वर के प्रेम और उद्धार के कारण हुआ
हमारे लिए प्रभु यीशु की इच्छाएं और अपेक्षाएं क्या हैं
क्या हम वास्तव में प्रभु की आराधना कर रहे हैं?
परमेश्वर की इच्छा के अनुरूप कैसे हों और उनकी प्रशंसा कैसे अर्जित करें

क्रिसमस का आरम्भ

हर साल, जैसे जैसे क्रिसमस करीब आता है, सड़क पर दुकानें सांता क्लॉस और क्रिसमस ट्री के साथ क्रिसमस उपहारों के चमकदार प्रदर्शनी की व्यवस्था करती हैं। पेड़ों और इमारतों पर कई रंगीन रोशनियाँ लगी होती हैं, और पूरे शहर लालटेन और रंगीन झालरों से सजे होते हैं, और हर जगह आनंद और जोश होता है। ईसाई धर्म के लिए, क्रिसमस एक बहुत ही खास समय है, और क्रिसमस से कई महीने पहले से, कई कलिसियायें क्रिसमस के अवकाश के लिए आवश्यक सभी चीज़ें तैयार करने में व्यस्त होने लगती हैं। क्रिसमस के दिन, कलिसियायें भर जाती हैं, और भाई-बहन उत्सव में शामिल होते हैं, क्रिसमस की दावत खाते हैं, नाटकों का मंचन करते हैं और प्रभु यीशु की आराधना करते हैं, आदि। हर किसी का चेहरा खुशियों से चमकता है। हालांकि, जब हम प्रभु यीशु के जन्म का जश्न मनाने के लिए खुशी से इकट्ठे होते हैं, तब क्या हम क्रिसमस का अर्थ समझते हैं? शायद भाई-बहन कहें, “प्रभु यीशु को सभी मानवजाति के छुटकारे के लिए क्रूस पर ठोका गया था, और इसलिए प्रभु यीशु के जन्म की यादगारी में और उसका उत्सव मनाने के लिए, ईसाईयों ने क्रिसमस की स्थापना की। हालाँकि जिस दिन प्रभु यीशु का जन्म हुआ था, वह बाइबिल में दर्ज नहीं है, फिर भी मसीह के सुसमाचार के विस्तार के साथ क्रिसमस धीरे-धीरे दुनिया भर में एक अवकाश बन गया।” हम इसे जानते होंगे, लेकिन क्या हम वास्तव में प्रभु यीशु के जन्म के पीछे छिपे हमारे लिए परमेश्वर के प्यार और उसकी इच्छा के बारे में जानते हैं? हम कैसे क्रिसमस के प्रति वैसा दृष्टिकोण रख सकते हैं जो कि प्रभु के हृदय के अनुसार हो? पढना जारी रखे

Christian devotional song in hindi | सच्ची प्रार्थना | Song About Prayer (Lyrics)

Christian devotional song in hindi | सच्ची प्रार्थना | Song About Prayer (Lyrics)

सच्ची दुआ अपने दिल की बातों को परमेश्वर के सामने कहना है,
यह परमेश्वर की मर्ज़ी और उसके वचन पर आधारित है।
सच्ची दुआ परमेश्वर को अपने करीब महसूस करना है,
जैसे वो ख़ुद तेरे सामने हो।
सच्ची प्रार्थना का मतलब तुझे परमेश्वर से बहुत कुछ कहना है,
तेरा दिल सूरज के समान उज्ज्वल है,
तू परमेश्वर की सुंदरता से प्रेरित होता है,
जो सुनते हैं वो संतुष्ट होते हैं।
सच्ची प्रार्थना शांति और आनंद दोनों लाएगी,
इससे परमेश्वर से प्रेम करने की सामर्थ बढ़ती है,
परमेश्वर से प्रेम करने की कीमत महसूस होती है;
और यह सब सिद्ध करेगा कि तुम्हारी प्रार्थना सच्ची है। पढना जारी रखे

Hindi Christian Movie अंश 6 : “बाइबल के बारे में रहस्य का खुलासा” – क्या हम बाइबल में विश्वास कर जीवन पा सकते हैं?

पादरी और एल्डर्स अक्सर लोगों को सिखाते हैं कि अगर वे बाइबल से भटकते हैं तो उन्हें विश्वासी नहीं कहा जा सकता, और सिर्फ़ बाइबल से जुड़े रहकर ही वे जीवन पा सकते हैं और स्वर्ग के राज्य में प्रवेश कर सकते हैं। क्या यह दृष्टिकोण परमेश्वर की इच्छा के अनुरूप है? क्या वह बाइबल है जो हमें जीवन दे सकती है, या वे परमेश्वर हैं जो हमें जीवन दे सकते हैं? प्रभु यीशु ने कहा था, “तुम पवित्रशास्त्र में ढूँढ़ते हो, क्योंकि समझते हो कि उसमें अनन्त जीवन तुम्हें मिलता है; और यह वही है जो मेरी गवाही देता है; फिर भी तुम जीवन पाने के लिये मेरे पास आना नहीं चाहते” (यूहन्ना 5:39-40)। सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं, “अंत के दिनों का मसीह जीवन लेकर आता है, और सत्य का स्थायी एवं अनंत मार्ग प्रदान करता है। ये सत्य वो मार्ग है जिसके द्वारा मनुष्य जीवन को प्राप्त करेगा, और एकमात्र इसी मार्ग से मनुष्य परमेश्वर को जानेगा और परमेश्वर का अनुमोदन प्राप्त करेगा” (वचन देह में प्रकट होता है)। जीवन का स्रोत मसीह में है न कि बाइबल में। सिर्फ मसीह ही जीवन के स्रोत हैं, और वे ही बाइबल के प्रभु हैं। यह वीडियो बाइबल की एक नयी समझ हासिल करने में आपकी मदद करेगा!

Bible Study in Hindi – New Understanding of the Bible – Christian Essentials

बाइबल का अर्थ—बाइबल और परमेश्वर—एक जरूर-देखने वाली फिल्म

NL0J033C-20190103-英《圣经》A-77-ZB

Hindi Christian Movie अंश 2 : “धन्‍य हैं वे, जो मन के दीन हैं” – क्या बचाए हुए स्वर्ग के राज्य में प्रवेश कर सकते हैं?

Hindi Christian Movie अंश 2 : “धन्‍य हैं वे, जो मन के दीन हैं” – क्या बचाए हुए स्वर्ग के राज्य में प्रवेश कर सकते हैं?

अनुग्रह के युग में, प्रभु यीशु ने छुटकारे के काम को किया जिसने हमें हमारे सभी पापों से मुक्त कर दिया। जब तक हम प्रभु यीशु को हमारे उद्धारकर्ता के रूप में स्वीकार करते हैं और आराधना करते हैं और हमारे पापों को प्रभु के समक्ष स्वीकार करते हैं, तो हमें पाप मुक्‍त कर दिया जाएगा और हम अपने विश्वास के माध्यम से बचाए जाएंगे। तो यहां “बचाया जाने” वास्तविक अर्थ क्या है? क्या हम प्रभु में विश्वास करके, उसके अनुग्रह के तहत आकर स्वर्ग के राज्य में स्वर्गारोहण और प्रवेश प्राप्त कर सकते हैं और बचाए जा सकते हैं? पढना जारी रखे

Hindi Christian Movie अंश 6 : “भक्ति का भेद – भाग 2” – देहधारी मसीह स्वयं परमेश्वर हैं

Hindi Christian Movie अंश 6 : “भक्ति का भेद – भाग 2” – देहधारी मसीह स्वयं परमेश्वर हैं

बाइबल में यह बात स्पष्ट रूप से दर्ज है कि प्रभु यीशु ही मसीह हैं, वे परमेश्वर के पुत्र हैं। फिर भी चमकती पूर्वी बिजली यह गवाही देती है कि देहधारी मसीह परमेश्वर का स्वरूप हैं, यह कि वे स्वयं परमेश्वर हैं। तो क्या देहधारी मसीह परमेश्वर के पुत्र हैं? या वे स्वयं परमेश्वर हैं? सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: “‘यीशु परमेश्वर का प्रिय पुत्र है, जिस पर वह प्रसन्न है’ ….. यह परमेश्वर की स्वयं के लिए गवाही थी, लेकिन केवल एक अलग परिप्रेक्ष्य से, स्वर्ग में आत्मा के अपने स्वयं के देहधारण को साक्ष्य देना। यीशु उसका देहधारण है, स्वर्ग में उसका पुत्र नहीं। क्या तुम समझते हो? यीशु के शब्द, ‘पिता मुझ में है और मैं पिता में हूं,’ क्या यह संकेत नहीं देते कि वे एक आत्मा हैं? और यह देहधारण के कारण नहीं है कि वे स्वर्ग और पृथ्वी के बीच अलग हो गए थे? वास्तव में, वे अभी भी एक हैं; चाहे कुछ भी हो, यह केवल परमेश्वर की स्वयं के लिए गवाही है।” ( वचन देह में प्रकट होता है)

प्रभु यीशु की प्रार्थना हिंदी में—भीतर छुपा रहस्य—क्या तुम इसे जानते हो?

ईसा मसीह की कहानी—प्रभु को जानने में आपकी मदद—बाइबल की व्याख्या 2019

पश्चाताप क्या है? आपदाओं के बीच ईसाईयों को कैसे पश्चाताप करना चाहिए?

वे लोग जो ईमानदारी से प्रभु में विश्वास करते हैं, उन सभी को यह पीड़ा है कि वास्तविक जीवन में, वे अक्सर प्रभु के वचन को व्यवहार में लाने में विफल होते हैं, जो दिन में पाप के बुरे घेरे में रहते हैं और रात को स्वीकार करते हैं। क्या यह सच्चा पश्चाताप है कि हम ऐसी अवस्था में रहते हैं? फिर हम सच्चे पश्चाताप तक कैसे पहुँच सकते हैं? यह लेख सच्ची पश्चाताप और सच्ची पश्चाताप को प्राप्त करने के मार्ग के बारे में संगति देता है। पढना जारी रखे

प्रभु यीशु ने कहा था कि वे वापस आएँगे, और उनकी वापसी की रीति क्या होगी?

परमेश्वर के वचन से जवाब:

कई हज़ारों सालों से, मनुष्य ने उद्धारकर्त्ता के आगमन को देखने में सक्षम होने की लालसा की है। मनुष्य ने उद्धारकर्त्ता यीशु को देखने की इच्छा की है जब वह एक सफेद बादल पर सवार व्यक्तिगत रूप से उन लोगों के बीच में अवरोहण करता है जिन्होंने हज़ारों सालों से उसकी अभिलाषा की है और उसके लिए लालायित रहे हैं। मनुष्य ने उद्धारकर्त्ता की वापसी और लोगों के साथ उसके फिर से जुड़ने की लालसा की है, अर्थात्, उद्धारकर्त्ता यीशु के उन लोगों के पास वापस आने की लालसा की है जिनसे वह हज़ारों सालों से अलग रहा है। और मनुष्य आशा करता है कि वह एक बार फिर से छुटकारे के उस कार्य को करेगा जो उसने यहूदियों के बीच किया था, वह मनुष्य के प्रति करूणामय और प्रेममय होगा, मनुष्य के पापों को क्षमा करेगा, वह मनुष्य के पापों को वहन करेगा, और यहाँ तक कि वह मनुष्य के सभी अपराधों को वहन करेगा और मनुष्य को उसके पापों से मुक्त करेगा। वे उद्धारकर्त्ता यीशु के पहले के समान होने की लालसा करते हैं—ऐसा उद्धारकर्त्ता जो प्यारा, सौम्य और आदरणीय हो, जो मनुष्य के प्रति कभी भी कोप से भरा हुआ न हो, और जो कभी भी मनुष्य को धिक्कारता न हो। यह उद्धारकर्त्ता मनुष्य के सारे पापों को क्षमा करता है और उन्हें ढोता है, और यहाँ तक कि एक और बार मनुष्य के लिए सलीब पर मर भी जाता है। पढना जारी रखे

सबकुछ परमेश्वर के हाथ में है | Hindi Christian Song With Lyrics

एक बार परमेश्वर ने ऐसा कहा था:
परमेश्वर जो कहता उसके मायने हैं, होकर रहेगा,
कोई भी उसे बदल नहीं सकता।
वचन चाहे पहले कहे हों या आगे कहे जायेंगे,
कोई अंतर नहीं है, वो पूरे होकर रहेंगे,
ताकि देख सके हर कोई
हर चीज़ जगत की तय करता है परमेश्वर, परमेश्वर, परमेश्वर, परमेश्वर।
परमेश्वर के हाथों में क्या नहीं है?
जो कहता है परमेश्वर होता वही है, वो होकर रहेगा।
परमेश्वर की चाहत को कौन बदल सकता है?
परमेश्वर की योजना को बढ़ने से कौन रोक सकता है?
हर समय परमेश्वर काम में लगा है। सबकुछ परमेश्वर के हाथ में है।
ताकि देख सके हर कोई
हर चीज़ जगत की तय करता है परमेश्वर, परमेश्वर, परमेश्वर।

परमेश्वर सदा लगा है अपने प्रबंधन की योजना में।
बाधा भला डाल सकता है कौन?
क्या रचता नहीं प्रभु अब भी सभी कुछ?
चीज़ें जिस हालत में पहुंची हैं आज,
हैं अब भी प्रभु की नज़र और योजना में।
जगत की हर एक चीज़ तय करता प्रभु है।
परमेश्वर के हाथों में क्या नहीं है?
जो कहता है परमेश्वर होता वही है, वो होकर रहेगा।
परमेश्वर की चाहत को कौन बदल सकता है?
परमेश्वर की योजना को बढ़ने से कौन रोक सकता है?
हर समय परमेश्वर काम में लगा है। सबकुछ परमेश्वर के हाथ में है।
ताकि देख सके हर कोई
हर चीज़ जगत की तय करता है परमेश्वर। परमेश्वर, परमेश्वर, परमेश्वर।

यह सब पहले ही तय कर दिया है प्रभु ने।
प्रभु-जन सुनेंगे आवाज़ उसकी।
वे सब जिन्हें है सच्चा प्यार प्रभु से
वापस आयेंगे उस सिंहासन के आगे जहां वो विराजता!
जगत की हर एक चीज़ तय करता प्रभु है।
जगत की हर एक चीज़ तय करता प्रभु है।
परमेश्वर के हाथों में क्या नहीं है?
जो कहता है परमेश्वर होता वही है, वो होकर रहेगा।
परमेश्वर की चाहत को कौन बदल सकता है?
परमेश्वर की योजना को बढ़ने से कौन रोक सकता है?
हर समय परमेश्वर काम में लगा है। सबकुछ परमेश्वर के हाथ में है।
ताकि देख सके हर कोई
हर चीज़ जगत की तय करता है परमेश्वर,
परमेश्वर, परमेश्वर, परमेश्वर, परमेश्वर।
“मेमने का अनुसरण करना और नए गीत गाना” से

सच्चा परमेश्वर कौन है? उसे कैसे जानना है? उत्तर यहां खोजें।
परमेश्वर के ये शब्द आपको निर्माता के चमत्कारिक काम दिखाते हैं।
सब कुछ पर शासन करने में परमेश्वर की महान शक्ति को जानें और जल्द ही परमेश्वर के सामने आएँ।

परमेश्वर सबकी पूर्ण देखभाल करता है | Hindi Christian Song With Lyrics

परमेश्वर सबकी पूर्ण देखभाल करता है | Hindi Christian Song With Lyrics

परमेश्वर के सार और स्वभाव के सभी पहलू,
महानता, पवित्रता, संप्रभुता, और प्रेम,
प्रकट होते हैं हर बार जब वो करता कार्यान्वित अपना कार्य,
दिखते हैं मनुष्य के प्रति उसकी इच्छा में,
पूर्ण होते हैं सब लोगों के जीवन में।
परमेश्वर सबकी पूर्ण देखभाल करता है।
परमेश्वर सबकी पूर्ण देखभाल करता है। पढना जारी रखे

मसीही गीत | जो परमेश्वर के सामने शांत रहते हैं, केवल वही जीवन पर ध्यान केंद्रित करते हैं

मसीही गीत | जो परमेश्वर के सामने शांत रहते हैं, केवल वही जीवन पर ध्यान केंद्रित करते हैं

शांत रह सकते हैं जो लोग परमेश्वर के सामने,
मुक्त हो पाते हैं वे संसारी बंधनों से,
अपना सकता है परमेश्वर उन्हें।
नहीं रह सकता शांत जो परमेश्वर के सामने,
आवारा है, निरंकुश है ऐसा इंसान।
पूरी तरह डूबा है भोगों में ऐसा इंसान।
शांत रह सकते हैं जो लोग परमेश्वर के सामने,
तरसते हैं परमेश्वर के लिये, श्रद्धालु हैं ऐसे इंसान।
शांत रह सकते हैं जो लोग परमेश्वर के सामने,
हैं वे जिन्हें परवाह है ज़िंदगी की,
और करते हैं संगति आत्मा में।
शांत रह सकते हैं जो लोग परमेश्वर के सामने,
प्यासे हैं ऐसे लोग परमेश्वर के वचनों के।
करते हैं अनुसरण सत्य का वे लोग। पढना जारी रखे