परमेश्वर पूरी मानवता के लिए परमेश्वर है

परमेश्वर कहते हैं, “परमेश्वर संपूर्ण मानव जाति का परमेश्वर है। वह स्वयं को किसी भी राष्ट्र या लोगों की निजी संपत्ति नहीं मानता है, बल्कि जैसी उसने योजना बनायी है उसके अनुसार वह, किसी भी रूप, राष्ट्र या लोगों द्वारा विवश हुए बिना, कार्य को करता जाता है” (“परमेश्वर के प्रकटन ने एक नए युग का सूत्रपात किया है”)।

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परमेश्वर के दैनिक वचन | “परमेश्वर का कार्य, परमेश्वर का स्वभाव और स्वयं परमेश्वर III” | अंश 69

उस कार्य के क्षेत्र के भीतर जिसे प्रभु यीशु ने अनुग्रह के युग में पूर्ण किया था, तुम जो परमेश्वर का स्वरूप है उसका दूसरा पहलू भी देख सकते हो। यह उसके शरीर के द्वारा प्रकट हुआ था, और उसे लोगों के लिए संभव किया गया था ताकि वे देखें और उसकी मानवता में होकर तारीफ करें। मनुष्य के पुत्र में, लोगों ने देखा कि किस प्रकार देहधारी परमेश्वर ने अपनी मानवता में जीवन बिताया था, और उन्होंने परमेश्वर की ईश्वरीयता को देखा जो उसकी देह के द्वारा प्रकट हुआ था। इन दो प्रकार के प्रकटीकरण ने लोगों को अनुमति दी कि वे एक सच्चे परमेश्वर को देख सकें, और उन्हें यह भी अनुमति दी कि वे परमेश्वर के बारे में एक अलग विचार बनाएँ। फिर भी, संसार की सृष्टि और व्यवस्था के युग के अन्त के मध्य के समयकाल में, अर्थात्, अनुग्रह के युग से पहले, लोगों के द्वारा जो कुछ देखा, सुना, और अनुभव किया जाता था वह केवल परमेश्वर का ईश्वरीय पहलू था। पढना जारी रखे

Hindi Christian Movie अंश 1 : “बाइबल के बारे में रहस्य का खुलासा” – खुलासा: बाइबल में जो है, उसके अलावा क्या परमेश्वर के कोई वचन या कार्य हैं?

Hindi Christian Movie अंश 1 : “बाइबल के बारे में रहस्य का खुलासा” – खुलासा: बाइबल में जो है, उसके अलावा क्या परमेश्वर के कोई वचन या कार्य हैं?

धार्मिक दुनिया के पादरी और एल्डर्स अक्सर लोगों को यह सिखाते हैं कि बाइबल के बाहर परमेश्वर के कोई वचन और कार्य नहीं हैं, और इसलिए बाइबल से परे जाना विधर्म है। क्या यह विचार जाँच में खरा उतरता है? क्या यह परमेश्वर के कार्य की वास्तविकता के अनुरूप है? अनुग्रह के युग में प्रभु यीशु द्वारा किया गया छुटकारे का कार्य पुराने नियम में दर्ज नहीं है और और वह पुराने नियम से भी परे जाता है। अगर बाइबल से परे जाना धर्मद्रोह है, तो क्या हम प्रभु के कार्य की भी निंदा नहीं कर रहे हैं? इसलिए, बाइबल के अलावा परमेश्वर के कोई वचन या कार्य हैं या नहीं? यह वीडियो आपको इनके जवाब देगा।

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Hindi Christian Movie अंश 3 : “परमेश्वर का नाम बदल गया है?!” – परमेश्वर के नाम का महत्‍व

Hindi Christian Movie अंश 3 : “परमेश्वर का नाम बदल गया है?!” – परमेश्वर के नाम का महत्‍व

“यहोवा” और “यीशु” व्यवस्था के युग और अनुग्रह के युग में परमेश्वर के नाम थे, और प्रकाशितवाक्य में यह भविष्यवाणी की गयी है कि अंत के दिनों में परमेश्वर एक नया नाम अपनायेंगे। परमेश्वर को अलग-अलग युगों में विभिन्न नामों से क्यों पुकारा जाता है? इन दो नामों “यहोवा” और “यीशु” का क्या महत्‍व है? यह लघु वीडियो आपके लिए इस रहस्य पर से परदा उठायेगा।

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Morning Prayer Song in Hindi | परमेश्वर के समक्ष अपने हृदय को शांत रखने के फ़ायदे (Lyrics)

Morning Prayer Song in Hindi | परमेश्वर के समक्ष अपने हृदय को शांत रखने के फ़ायदे (Lyrics)

ईश्वर के आगे आने,
उसके वचनों को जीवन बनाने,
तुम्हें पहले शांत होना होगा उसके सामने।
जब शांत हो तुम,
तभी करे वो तुम्हें प्रबुद्ध और समझाये।
जितना शांत होता कोई परमेश्वर के सामने,
उतनी ही प्रबुद्धता वो उससे पाए।

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अफवाह पर भरोसा करना परमेश्वर के अंतिम दिनों के उद्धार को खोना है

अंधविश्वासी होकर अफवाहों पर विश्वास करें और आप प्रभु की वापसी का स्वागत करने का अवसर चूक जाएंगे!

हम सभी जानते हैं कि जब प्रभु प्रकट हुए और अपना काम किया, तो फरीसियों ने प्रभु यीशु की निंदा करने के लिए अफवाहें गढ़ीं और निन्दा भरे शब्द बोले। उस समय, यहूदी लोगों को उनकी अफवाहों से कोई सरोकार नहीं था, उन्होंने न तो प्रभु यीशु के वचनो और कार्यों की खोज की और न ही जांच की। नतीजतन, उन्होंने नेत्रहीन रूप से प्रभु यीशु को मारने के लिए फरीसियों का अनुसरण किया और इस तरह जघन्य पाप किया। वे न केवल मसीहा का अभिवादन करने में विफल रहे, बल्कि परमेश्वर के विरोध के मार्ग पर चले। आखिरकार, पूरे यहूदी राष्ट्र को अभूतपूर्व विनाश के अधीन किया गया।परमेश्वर का विरोध करने के कारण इस दण्ड के वोह लायक है । अब हम लोग अंतिम दिनों में है, परमेश्वर नए कार्य को लाते है और नए युग का शुरुआत करते है।इसी तरह, वही दृश्य जो दो हज़ार साल पहले के फरीसियों ने अफवाहों को गढ़ा और परमेश्वर का विरोध किया फिरसे एक बार सामने आता है।अगर हमें उन अफवाहों के बारे में कोई जानकारी नहीं है, तो हम यहूदी लोगों की त्रासदी को दोहराएंगे। यदि ऐसा है, तो हम न केवल प्रभु की वापसी का स्वागत करने में विफल हैं, बल्कि परमेश्वर का विरोध करने की अफवाहों का भी पालन करते हैं। फिर हमें इन अफवाहों को कैसे परखना चाहिए और प्रभु की वापसी को कैसे खोना नहीं है? निम्नलिखित लेख हमें जवाब बताएगा!”

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अगर आप सत्य को स्वीकार किए बिना मूर्खता से प्रभु यीशु के एक बादल पर आने की प्रतीक्षा करेंगे, तो आप भीषण आपदा में फंस जाएंगे और अपने दांत पीसते रह जाएंगे

परमेश्वर कहते हैं, “मैं तुम लोगों बता दूँ, कि जो परमेश्वर में संकेतों की वजह से विश्वास करते हैं, वे निश्चित रूप से उस श्रेणी के होंगे जो विनाश को झेलेगी। वे जो देह में लौटे यीशु के वचनों को स्वीकार करने में अक्षम हैं, वे निश्चित रूप से नरक के वंशज, महान फ़रिश्ते के वंशज हैं, उस श्रेणी के हैं जो अनंत विनाश के अधीन की जाएगी। कई लोग मैं क्या कहता हूँ इसकी परवाह नहीं करते हैं, किंतु मैं ऐसे हर तथाकथित संत को बताना चाहता हूँ जो यीशु का अनुसरण करते हैं, कि जब तुम लोग यीशु को एक श्वेत बादल पर स्वर्ग से उतरते हुए अपनी आँखों से देखो, तो यह धार्मिकता के सूर्य का सार्वजनिक प्रकटन होगा। पढना जारी रखे

2020 Hindi Christian Song | राज्य गान (I) दुनिया में राज्य का अवतरण हुआ है (Lyrics)

2020 Hindi Christian song | राज्य गान (I) दुनिया में राज्य का अवतरण हुआ है (Lyrics)

परमेश्वर का राज्य धरती पर आ चुका है;
परमेश्वर का व्यक्तित्व पूर्ण है समृद्ध है।
कौन है जो शांत रहे और आनंद ना करे?
कौन है जो शांत रहे और नाच ना करे?
ओह सिय्योन, परमेश्वर के गुणगान के लिये,
अपनी विजय-पताका उठाओ।
जग में उसका पवित्र नाम फैलाने के लिये,
अपना विजय-गीत गाओ।
अनगिनत लोग ख़ुशी से परमेश्वर का यश-गान करते हैं,
अनगिनत आवाज़ें उसके नाम की प्रशंसा करती हैं।
वे उसके अद्भुत कर्मों को देखते हैं।
अब उसका राज्य धरती पर आ चुका है।

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परमेश्वर के सिय्योन लौट जाने के बाद | ईसाई भजन

परमेश्वर के सिय्योन लौट जाने के बाद | ईसाई भजन

जब ईश्वर सिय्योन लौटेगा,
तो इंसान पहले जैसे उसकी स्तुति करेगा।
उसकी सेवा का इंतज़ार करते वफ़ादार
सेवाकर्मियों का काम ख़त्म हो जाएगा।
इंसान धरती पर ईश्वर की मौजूदगी को बस सोच सकेगा।
तब वो विपदा से पीड़ित लोगों पर आपदा लाएगा।

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प्रश्न 2: बाइबल के सत्य पहले ही पूर्ण हैं। परमेश्वर में हमारी आस्था के लिए हमारे पास बाइबल का होना काफी है।हमें और कोई नये वचन नहीं चाहिए!

उत्तर: बाइबल में दर्ज सामग्री सीमित मात्रा में है। पुराने नियम में सिर्फ यहोवा परमेश्वर के कार्य को दर्ज किया गया, जबकि नये नियम में प्रभु यीशु के कार्य को दर्ज किया गया। लेकिन परमेश्वर के अंत के दिनों के कार्य के बारे में, बाइबल में सिर्फ भविष्यवाणियाँ है बाइबल में सटीक विवरण दर्ज नहीं है। ऐसा इसलिए है क्योंकि परमेश्वर का अंत के दिनों का कार्य न्याय का कार्य है, यह बाइबल से बाहर का नया कार्य है। परमेश्वर सत्य व्यक्त करते हैं, और ब्रह्मांड की तमाम चीज़ों के शासक हैं। उनकी समृद्धि कभी ख़त्म नहीं हो सकती और हमेशा पोषित करती रहती है। इस सृष्टि का कोई भी जीव उनकी थाह नहीं पा सकता। इसलिए, बाइबल की विषयवस्तु परमेश्वर के सभी कार्यों को पूरी तरह से नहीं समझा सकती। आइए, सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन के एक अंश को पढ़ें! पढना जारी रखे